दीपावली का त्योहार श्रीगणेश, धन की देवी माता लक्ष्मी, कोषाध्यक्ष कुबेर के साथ-साथ भगवान हनुमान को प्रसन्न करने का भी दिव्य अवसर देता है.

Hanuman Jayanti 2025 : छोटी दिवाली पर जरुर जपे राम नाम, बंधन तनाव से मिलेगा छुटकारा और बल, विद्या का मिलेगा वरदान

Hanuman Jayanti 2025 : पांच दिवसीय दीपोत्सव में प्रत्येक दिन का अपना एक विशेष महत्व है. यह पर्व न केवल श्रीगणेश, धन की देवी माता लक्ष्मी, कोषाध्यक्ष कुबेर बल्कि भगवान हनुमान को प्रसन्न करने का भी दिव्य अवसर देता है. भगवान हनुमान जो श्रीराम के परम भक्त और शिव के अवतार माने जाते हैं, उनका जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन हुआ था. तब से इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है. ऐसा माना जाता है इस दिन जो भी मनुष्य मन, कर्म वचन से हनुमान जी का स्मरण करता है, उसके सारे संकट दूर हो जाते हैं. आइए जानते हैं कि दिपावली के इस खास मौके पर कैसे करना है संकटमोचन को प्रसन्न-

बंधन संकट तनाव से मिलती है मुक्ति

यूं तो भगवान का ध्यान, उनकी आराधना किसी भी समय की जा सकती है लेकिन यदि किसी खास मौके पर भगवान का ध्यान और उनको प्रसन्न करने के उपाय किए जाए तो प्राप्त होने वाला फल दोगुना हो जाता है. कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन हनुमान जी की उपासना करने का महत्व अधिक है क्योंकि इस दिन को हनुमान जयंती के रुप में मनाया जाता है. इस दिन 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ यदि पूरे परिवार के साथ बैठ कर किया जाए, तो सभी प्रकार के बंधन, संकट तनाव से मुक्ति मिल जाती है. तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा में लिखा है कि जो सत बार पाठ कर कोई. छूटहि बंदि महा सुख होई..,

बल, बुद्धि का मिलता है वरदान

संसार के जितने भी कठिन व असंभव काम होते हैं, वह सभी हनुमान जी की कृपा से सुलभ और सहज हो जाते है. हनुमान जी भगवान श्रीराम के सर्वोत्तम दास भक्त हैं. कहा जाता है कि जहां श्री राम कथा या कीर्तन होता है, वहां हनुमान जी किसी न किसी रूप में विद्यमान रहते ही हैं. हनुमान जी को प्रसन्न करने से श्री राम की प्राप्ति होती है. राम नाम जपने वाले भक्तों को बल, बुद्धि और विद्या का वरदान देते हैं.

इस तरह से करें प्रसन्न

हनुमान को उनका प्रिय भोग, चोला चढ़ाने और राम नाम जपने वालों से वह अत्यंत प्रसन्न होते है. हनुमान जी प्रसन्न करने के लिए उन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाने के बाद लड्डू का भोग लगाना चाहिए. हनुमान चालीसा के साथ सुंदरकांड का पाठ करना भी बेहद शुभ माना जाता है.

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