Read more about the article Dharma : महर्षि वशिष्ठ से क्यों नाराज हुए विश्वामित्र, जानिए फिर उन्हें क्या समझ आया और कैसे पाया ब्राह्मणत्व
महर्षि वशिष्ठ से क्यों नाराज हुए विश्वामित्र

Dharma : महर्षि वशिष्ठ से क्यों नाराज हुए विश्वामित्र, जानिए फिर उन्हें क्या समझ आया और कैसे पाया ब्राह्मणत्व

Dharma : महर्षि वशिष्ठ द्वारा राजा संवरण का सूर्यदेव की पुत्री से विवाह कराने और राज्य में सूखा पड़ने पर तपस्या से वर्षा करवाने की बात सुन अर्जुन ने चित्ररथ…

Continue ReadingDharma : महर्षि वशिष्ठ से क्यों नाराज हुए विश्वामित्र, जानिए फिर उन्हें क्या समझ आया और कैसे पाया ब्राह्मणत्व
Read more about the article Dharma : महर्षि वशिष्ठ के पुत्र शक्तिमुनि को किसने झगड़े में खा डाला, फिर कैसे हुआ पौत्र का जन्म
महर्षि वशिष्ठ के पुत्र शक्तिमुनि को किसने झगड़े में खा डाला, फिर कैसे हुआ पौत्र का जन्म

Dharma : महर्षि वशिष्ठ के पुत्र शक्तिमुनि को किसने झगड़े में खा डाला, फिर कैसे हुआ पौत्र का जन्म

Dharma : गंधर्वराज चित्ररथ ने अर्जुन से वार्तालाप जारी रखते हुए कहा, राजा इक्ष्वाकु के वंस में कल्माषपाद नाम का राजा हुआ। एक दिन वह शिकार खेलने वन में गया…

Continue ReadingDharma : महर्षि वशिष्ठ के पुत्र शक्तिमुनि को किसने झगड़े में खा डाला, फिर कैसे हुआ पौत्र का जन्म
Read more about the article Dharma : द्रोपदी के विवाह के लिए राजा द्रुपद ने रचा स्वयंवर, जानिए बड़े-बड़े वीर राजा क्या कर सके
द्रोपदी के विवाह के लिए राजा द्रुपद ने रचा स्वयंवर, जानिए बड़े-बड़े वीर राजा क्या कर सके।

Dharma : द्रोपदी के विवाह के लिए राजा द्रुपद ने रचा स्वयंवर, जानिए बड़े-बड़े वीर राजा क्या कर सके

Dharma : पांडवों ने गंधर्वराज चित्रराथ की बात मान पुरोहित की तलाश की और उनकी सलाह पर उसी वन के उत्कोचक तीर्थ में देवल के छोटे भाई धौम्य ऋषि के…

Continue ReadingDharma : द्रोपदी के विवाह के लिए राजा द्रुपद ने रचा स्वयंवर, जानिए बड़े-बड़े वीर राजा क्या कर सके
Read more about the article Dharma : स्वयंवर मंडप में जैसे ही अर्जुन ने लक्ष्यवेध किया, द्रौपदी ने वरमाला डाली जानिए फिर वहां के राजाओं ने क्या किया 
द्रौपदी हाथों में वरमाला लेकर प्रसन्नता से अर्जुन के पास पहुंची उसे उनके गले में डाल दिया।

Dharma : स्वयंवर मंडप में जैसे ही अर्जुन ने लक्ष्यवेध किया, द्रौपदी ने वरमाला डाली जानिए फिर वहां के राजाओं ने क्या किया 

Dharma : द्रौपदी के स्वयंवर उत्सव सभा मंडप में जब सभी क्षत्रिय वीर राजा लक्ष्य को नहीं वेध सके तो ब्राह्मणों के बीच से अर्जुन खड़े हो गए। उन्हें धनुष…

Continue ReadingDharma : स्वयंवर मंडप में जैसे ही अर्जुन ने लक्ष्यवेध किया, द्रौपदी ने वरमाला डाली जानिए फिर वहां के राजाओं ने क्या किया 
Read more about the article Dharma : ब्राह्मण वेश धारी अर्जुन के लक्ष्य वेधते ही स्वयंवर में उपस्थित राजा महाराज द्रुपद को मारने दौड़े, जानिए किसने लिया उनसे मोर्चा
ब्राह्मणों के जवाब को सुन अर्जुन ने मुस्कुराकर कहा, ब्राह्मणों ! आप लोग एक ओर खड़े होकर तमाशा देखिए, इन लोगों के लिए तो मैं ही बहुत हूं।

Dharma : ब्राह्मण वेश धारी अर्जुन के लक्ष्य वेधते ही स्वयंवर में उपस्थित राजा महाराज द्रुपद को मारने दौड़े, जानिए किसने लिया उनसे मोर्चा

Dharma : पांचाल देश में लक्ष्य वेध करने के बाद जैसे ही राजा द्रुपद की पुत्री द्रौपदी ने ब्राह्मण वेशधारी अर्जुन के गले वरमाला डाली, स्वयंवर मंडप में उपस्थित राजाओं…

Continue ReadingDharma : ब्राह्मण वेश धारी अर्जुन के लक्ष्य वेधते ही स्वयंवर में उपस्थित राजा महाराज द्रुपद को मारने दौड़े, जानिए किसने लिया उनसे मोर्चा
Read more about the article Dharma : हारने के बाद गंधर्वराज चित्ररथ ने अर्जुन को तपतीनंदन कहा तो भौचक हो करने लगे प्रश्न, जानिए क्या उत्तर मिला
अर्जुन ने कहा हम लोग तो कुन्ती के पुत्र हैं फिर तुमने तपतीनंदन क्यों कहा। ये तपती कौन थीं ?

Dharma : हारने के बाद गंधर्वराज चित्ररथ ने अर्जुन को तपतीनंदन कहा तो भौचक हो करने लगे प्रश्न, जानिए क्या उत्तर मिला

Dharma : युद्ध में हारने के बाद गंधर्व चित्ररथ ने अर्जुन से मित्रता करते हुए उन्हें तपतीनंदन कह कर संबोधित किया तो अर्जुन का प्रश्न करना स्वभाविक था। अर्जुन ने…

Continue ReadingDharma : हारने के बाद गंधर्वराज चित्ररथ ने अर्जुन को तपतीनंदन कहा तो भौचक हो करने लगे प्रश्न, जानिए क्या उत्तर मिला
Read more about the article Dharma : पांचाल जाने के लिए गंगातट से निकलते हुए गंधर्व चित्ररथ ने अर्जुन को ललकारा, जानिए युद्ध में कौन जीता
गंधर्व ने कहा, मैं हार गया इसलिए अपना अंगारपर्ण नाम छोड़ता हूं।

Dharma : पांचाल जाने के लिए गंगातट से निकलते हुए गंधर्व चित्ररथ ने अर्जुन को ललकारा, जानिए युद्ध में कौन जीता

Dharma : एकचक्रा नगरी में भगवान व्यास जी पांडवों और कुन्ती से मिले तथा भावी जीवन के बारे में कुछ सलाह देकर चले गए। उनके जाते ही पांडव अपनी माता…

Continue ReadingDharma : पांचाल जाने के लिए गंगातट से निकलते हुए गंधर्व चित्ररथ ने अर्जुन को ललकारा, जानिए युद्ध में कौन जीता
Read more about the article Dharma : जानिए पांडवों को किसने बतायी द्रौपदी के पूर्व जन्म की कथा और क्या सलाह दी
युधिष्ठिर ने कहा कि यदि अन्य भाइयों को आपत्ति न हो तो हमें वहां जाने में कोई बुराई नहीं है।

Dharma : जानिए पांडवों को किसने बतायी द्रौपदी के पूर्व जन्म की कथा और क्या सलाह दी

Dharma : एकचक्रा नगरी के जिस ब्राह्मण परिवार में पांडव अपनी मां के साथ रुके थे, वहां पधारे एक सदाचारी ब्राह्मण से राजा द्रुपद के पुत्र धृष्टघुम्न और पुत्री द्रौपदी…

Continue ReadingDharma : जानिए पांडवों को किसने बतायी द्रौपदी के पूर्व जन्म की कथा और क्या सलाह दी
Read more about the article Dharma : जानिए किस तरह भीमसेन ने बकासुर को मार कर ब्राह्मण परिवार ही नहीं पूरे नगर की रक्षा की
माता कुन्ती ने जानबूझ कर जब भीम को बक नाम के राक्षस के पास भेजा तभी युधिष्ठिर आदि चारो पांडव वहां आ पहुंचे तो मां ने उन्हें पूरी बात बतायी।

Dharma : जानिए किस तरह भीमसेन ने बकासुर को मार कर ब्राह्मण परिवार ही नहीं पूरे नगर की रक्षा की

Dharma : माता कुन्ती ने जानबूझ कर जब भीम को बक नाम के राक्षस के पास भेजा तभी युधिष्ठिर आदि चारो पांडव वहां आ पहुंचे तो मां ने उन्हें पूरी…

Continue ReadingDharma : जानिए किस तरह भीमसेन ने बकासुर को मार कर ब्राह्मण परिवार ही नहीं पूरे नगर की रक्षा की
Read more about the article Dharma : जानिए कुन्ती ने जिस ब्राह्मण देव के घर पुत्रों सहित शरण पाई उसे उसकी रक्षा का आश्वासन क्यों दिया
हिडिम्बा से घटोत्कच का जन्म होने के बाद भीम वापस अपने परिवार में आ गए और युधिष्ठिर आदि पांडव अपनी मां के साथ एकचक्रा नगरी में रहने लगे।

Dharma : जानिए कुन्ती ने जिस ब्राह्मण देव के घर पुत्रों सहित शरण पाई उसे उसकी रक्षा का आश्वासन क्यों दिया

Dharma : हिडिम्बा से घटोत्कच का जन्म होने के बाद भीम वापस अपने परिवार में आ गए और युधिष्ठिर आदि पांडव अपनी मां के साथ एकचक्रा नगरी में रहने लगे।…

Continue ReadingDharma : जानिए कुन्ती ने जिस ब्राह्मण देव के घर पुत्रों सहित शरण पाई उसे उसकी रक्षा का आश्वासन क्यों दिया