Samudra Manthan : जानिए क्यों राहु असुर मानता है चंद्रमा और सूर्य से दुश्मनी, शिव जी कैसे बने नीलकण्ठ
Samudra Manthan : समुद्र मंथन शुरु हुआ तो कई रत्न निकले और वे सब आकाश मार्ग से होते हुए देवलोक में पहुंच गए। दिव्य शरीर धारण करने वाले अमृत भरा…
Samudra Manthan : समुद्र मंथन शुरु हुआ तो कई रत्न निकले और वे सब आकाश मार्ग से होते हुए देवलोक में पहुंच गए। दिव्य शरीर धारण करने वाले अमृत भरा…
Samudra Manthan : समुद्र मंथन के बाद जैसे ही सूर्य और चंद्रमा ने भगवान विष्णु को राहु का भेद बताया कि उसने तो देवताओं की पंक्ति में बैठ कर अमृत…
Samudra Manthan: देवताओं और असुरों ने मिल कर अमृत पाने की लालसा में समुद्र मंथन शुरु किया तो वासुकि नाग के मुख का हिस्सा असुरों और पूंछ का हिस्सा देवताओं…
Dharm : बात सतयुग की है, दक्ष प्रजापति की दो कन्याएं कद्रू और विनता थींं। बड़ी होने पर उनका विवाह कश्यप ऋषि से हुआ, दोनों ने अपने पति की खूब…
Dharm : हस्तिनापुर के धौम्य ऋषि जिनका पूरा नाम अयोदधौम्य था, के तीसरे प्रमुख शिष्य का नाम था वेद। ऋषि ने उसे अपने पास बुलाया और बोले, बेटा तुम कुछ…
Samudra Manthan : समुद्र मंथन की कथा से तो सभी परिचित होंगे लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि इसकी योजना क्यों और कहां बनी, उस मीटिंग में क्या तय…
Dharm : गुरु महान है, गुरु की महिमा गोविंद यानी भगवान से भी ऊंची है। एक शिष्य के लिए गुरु की आज्ञा सर्वोपरि रहती है जिसका पालन करने के लिए…
Dharm : प्राचीन काल में ऋषि आयोदधौम्य नाम के प्रकांड विद्वान थे। उनके तीन प्रमुख शिष्यों में से एक का नाम था उपमन्यु। एक दिन गुरु ने अपने इस शिष्य…
Dharm : राजा जनमेजय एक बार अपने तीनों भाइयों श्रुतसेन, उग्रसेन और भीमसेन भाइयों के साथ उसी कुरुक्षेत्र में मैदान में बहुत बड़ा यज्ञ कर रहे थे, जहां पर पांडवों…
Dharam : हिंदू धर्म के दो महान ग्रंथ हैं जिनमें पहला है महाभारत और दूसरा है रामायण। दोनों ही धर्म ग्रंथ मूल रूप से संस्कृत के स्मृति ग्रंथ हैं। जहां…