Shri Bhaktamal : श्री अंग जी की कथा
Shri Bhaktamal : ध्रुव जी के वंश में राजर्षि उत्सुक और माता पुष्करिणी ने भगवान की तपस्या कर अंग जैसा पुत्र प्राप्त किया, जो शील स्वभाव, साधुता, ब्रह्मण्यता आदि तमाम…
Shri Bhaktamal : ध्रुव जी के वंश में राजर्षि उत्सुक और माता पुष्करिणी ने भगवान की तपस्या कर अंग जैसा पुत्र प्राप्त किया, जो शील स्वभाव, साधुता, ब्रह्मण्यता आदि तमाम…
Dharma : युधिष्ठिर के युवराज बनने और फिर बाद में राजा बनने को लेकर दुर्योधन ने अपने और अपने परिवार के भविष्य कि चिंता पिता महाराज धृतराष्ट्र से करते हुए…
Dharma : जिस तरह महाराज धृतराष्ट्र युवराज युधिष्ठिर की बढ़ती लोकप्रियता से ईर्ष्या कर रहे थे, उसी तरह दुर्योधन भी समझ रहा था कि भीमसेन बहुत ही ताकतवर है और…
Dharma : युधिष्ठिर के हस्तिनापुर का युवराज बनते ही जहां एक ओर भीम और अर्जुन ने अपने राज्य का विस्तार भी कर लिया। दूसरे राज्यों को शामिल करने के साथ…
Dharma : पांचाल पर जीत हासिल कर राजकुमारों ने गुरु द्रोण को प्रसन्न कर दिया। पांचाल राज द्रुपद की हार के एक वर्ष बाद हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र ने युधिष्ठिर…
Dharma : द्रुपद की विशाल सेना के साथ पांडवों का युद्ध शुरु हुआ तो भीमसेन गदा लेकर द्रुपद की सेना के भीतर घुस गए और अपनी विशाल गदा से हाथियों…
Dharma : जब द्रोणाचार्य को महसूस हुआ कि उनके सभी राजकुमार शिष्य अस्त्रविद्या में निपुण हो चुके हैं, तो उन्होंने गुरुदक्षिणा लेने का निश्चय किया। उन्होंने सभी राजकुमारों को अपने पास…
Dharma : रंग मंडप में अर्जुन को चुनौती देने आए कर्ण से जैसे ही गुरु कृपाचार्य ने उसके कुल का परिचय पूछा तो वह निरुत्तर सा होकर लजा गया। इस…
Dharma : जिस समय गुरु द्रोणाचार्य के निर्देश पर बनाए गए रंगमंडप में अर्जुन के रण कौशल को देख कर राजपरिवार के साथ ही प्रजा जन हतप्रभ थे, उसी समय…
Mangal Dhanu Gochar 2025 : मंगल जिन्हें ग्रहों का सेनापति, साहस, पराक्रम और ऊर्जा के कारक माना जाता है. वर्तमान समय में स्वग्रही है यानी कि अपनी राशि वृश्चिक में…