Shri Bhaktamal : श्री शतरूपा जी की कथा
Shri Bhaktamal : स्वाम्भुव मनु और उनकी पत्नी शतरूपा से ही मानव सृष्टि का आरंभ हुआ। ब्रह्मा जी के शरीर के दाहिने भाग से मनु और बाएं भाग से शतरूपा…
Shri Bhaktamal : स्वाम्भुव मनु और उनकी पत्नी शतरूपा से ही मानव सृष्टि का आरंभ हुआ। ब्रह्मा जी के शरीर के दाहिने भाग से मनु और बाएं भाग से शतरूपा…
Dharma : युधिष्ठिर और माता कुन्ती ने जैसे ही हिडिम्बा के साथ भीमसेन को विवाह कर पुत्र को जन्म देने की अनुमति दी, वह भीम को लेकर आकाश मार्ग से…
Shri Bhaktamal : महाराज पृथु के वंश में बहर्षिद नाम के राजा हुए जो बहुत ही धर्मात्मा थे। उन्होंने एक के बाद एक यज्ञ कराए जिससे पूरा भूमंडल यज्ञमंडप सा…
Dharma : जंगल में राक्षसराज हिडिम्ब ने भेजा तो अपनी बहन हिडिम्बा को था कि पांडवों को मार कर ले आओ तो उन्हें भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाए…
Dharma : लाक्षागृह से बचकर निकलने के बाद गंगा पार कर पांडव घने जंगल में चलते-चलते थक गए और माता कुन्ती ने पानी की मांग की तो भीम ने सभी…
Shri Bhaktamal : नैमिषारण्य में जो 88 हजार ब्रह्मवादी ऋषि रहते थे, उनके प्रधान थे श्री शौनक जी। भृगुवंशी शुनक जी के पुत्र होने के नाते उनका नाम शौनक पड़ा।…
Dharma : लाक्षागृह से बच कर निकलते हुए पांडव माता कुन्ती के साथ गंगातट पर पहुंचे तो उन्हें विदुर जी का भेजा हुए व्यक्ति मिला। उसने कहा नौका तैयार है, उनका…
Shri Bhaktamal : भगवान वेद व्यास जी के परमशिष्य रोमहर्षण चूंकि सूत समाज के थे इसीलिए वे सूत जी के रूप में विख्यात हुए। भगवान व्यास ने इन्हें पुराणों को…
Shri Bhaktamal : श्री शेष जी जिन्हें शेषनाग या आदिशेष भी कहा जाता है, एक दिव्य सर्प हैं और भगवान आदि पुरुष नारायण की शैय्या के रूप में जाने जाते…
Shri Bhaktamal : सुभद्रा नंदन अभिमन्यु की पत्नी महाराज विराट की पुत्री उत्तरा गर्भवती थीं। वह गर्भ ही कौरव और पांडवों का एकमात्र वंशधर था। अश्वत्थामा ने वंश समाप्त करने…