Dharm : एक शिष्य गुरु आज्ञा का पालन करते हुए हो गया नेत्रहीन, जानिए फिर ऐसा क्या हुआ कि उसकी दृष्टि ही नहीं लौटी बल्कि हो गया धर्मशास्त्रों का ज्ञाता 

Dharm : प्राचीन काल में ऋषि आयोदधौम्य नाम के प्रकांड विद्वान थे। उनके तीन प्रमुख शिष्यों में से एक का नाम था उपमन्यु। एक दिन गुरु ने अपने इस शिष्य…

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Read more about the article Dharm : राजा जनमेजय के भाइयों ने कुत्ते को पीटा तो क्यों उसकी मां ने सीधे राजा को दे दिया शाप, राजा जनमेजय का पांडवों से कनेक्शन जानिए
कुरुवंश के सम्राट राजा जनमेजय पांडवों में वीर धनुर्धर अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु के पौत्र और महाराजा परीक्षित के पुत्र थे।

Dharm : राजा जनमेजय के भाइयों ने कुत्ते को पीटा तो क्यों उसकी मां ने सीधे राजा को दे दिया शाप, राजा जनमेजय का पांडवों से कनेक्शन जानिए

Dharm : राजा जनमेजय एक बार अपने तीनों भाइयों श्रुतसेन, उग्रसेन और भीमसेन भाइयों के साथ उसी कुरुक्षेत्र में मैदान में बहुत बड़ा यज्ञ कर रहे थे, जहां पर पांडवों…

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Read more about the article Dharam : जानिए किसने की महाभारत ग्रंथ की रचना और फिर किसके कहने पर किसने लिखा यह महाकाव्य
हिंदू धर्म के दो महान ग्रंथ हैं जिनमें पहला है महाभारत और दूसरा है रामायण। दोनों ही धर्म ग्रंथ मूल रूप से संस्कृत के स्मृति ग्रंथ हैं।

Dharam : जानिए किसने की महाभारत ग्रंथ की रचना और फिर किसके कहने पर किसने लिखा यह महाकाव्य

Dharam : हिंदू धर्म के दो महान ग्रंथ हैं जिनमें पहला है महाभारत और दूसरा है रामायण। दोनों ही धर्म ग्रंथ मूल रूप से संस्कृत के स्मृति ग्रंथ हैं। जहां…

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Read more about the article PRERAK PRASANG : अतिथि के सेवा में भेदभाव क्यों, जानिए प्रेरक प्रसंग में जब भगवान ने महात्मा जी को स्वयं सपने में क्या निर्देश दिया
PRERAK PRASANG : अतिथि के सेवा में भेदभाव क्यों, जानिए प्रेरक प्रसंग में जब भगवान ने महात्मा जी को स्वयं सपने में क्या निर्देश दिया

PRERAK PRASANG : अतिथि के सेवा में भेदभाव क्यों, जानिए प्रेरक प्रसंग में जब भगवान ने महात्मा जी को स्वयं सपने में क्या निर्देश दिया

PRERAK PRASANG : भारत भूमि संतों और तपस्वियों से भरी पड़ी है जो एकांत में कुटिया बना कर ईश्वर साधना में लीन रहते हैं. ऐसे ही एक महात्मा जंगल में…

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Read more about the article Maihar Devi Temple : मध्य भारत का प्रमुख शक्तिपीठ जहां आदि शंकराचार्य ने की थी मां की आराधना, सदियों से एक योद्धा कर रहा पूजा 
मैहर तहसील में एक ऐसा शक्तिपीठ है जहां आदि शंकराचार्य ने सबसे पहले मां की आराधना की थी।

Maihar Devi Temple : मध्य भारत का प्रमुख शक्तिपीठ जहां आदि शंकराचार्य ने की थी मां की आराधना, सदियों से एक योद्धा कर रहा पूजा 

Maihar Devi Temple : मध्यप्रदेश के सतना जिले की मैहर तहसील में एक ऐसा शक्तिपीठ है जहां आदि शंकराचार्य ने सबसे पहले मां की आराधना की थी। मान्यता है कि…

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Read more about the article Chandrika Devi Temple : मध्य कानपुर में है आस्था, भक्ति और चमत्कार की दिव्य सिद्धपीठ, 47 वर्षों से कमल के पत्ते पर जल रही अखंड ज्योति
मंदिर में भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर मनौती का दीया जला कर पूर्णता का परिचय देते हैं.

Chandrika Devi Temple : मध्य कानपुर में है आस्था, भक्ति और चमत्कार की दिव्य सिद्धपीठ, 47 वर्षों से कमल के पत्ते पर जल रही अखंड ज्योति

Chandrika Devi Temple : उत्तर प्रदेश के कानपुर महानगर के मध्यक्षेत्र में देवनगर (रायपुरवा) कालपी रोड पर स्थित यह देवी सिद्धपीठ करीब डेढ़ सौ वर्षों से आस्था, भक्ति और चमत्कार…

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Read more about the article Dharamsthal : कानपुर का प्रसिद्ध देवी मंदिर जहां माता सीता ने लव कुश का कराया था मुंडन, क्रांतिकारी भी छिपते थे 
लव कुश का कराया था मुंडन

Dharamsthal : कानपुर का प्रसिद्ध देवी मंदिर जहां माता सीता ने लव कुश का कराया था मुंडन, क्रांतिकारी भी छिपते थे 

Dharamsthal: उत्तर प्रदेश में कानपुर का बिठूर क्षेत्र पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक प्रमाणों से भरा हुआ है. इसी बिठूर के वाल्मीकि आश्रम में माता जानकी ने गर्भावस्था का समय बिताया…

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Read more about the article Dharam : सिद्धार्थी और रौद्र नाम से शुरु हो रहा है नवसंवत्सर, इसके प्रारंभ की तिथि और राजा प्रधानमंत्री को भी जानें, इस तरह मनाएं उत्सव 
Dharam : सिद्धार्थी और रौद्र नाम से शुरु हो रहा है नवसंवत्सर, इसके प्रारंभ की तिथि और राजा प्रधानमंत्री को भी जानें, इस तरह मनाएं उत्सव 

Dharam : सिद्धार्थी और रौद्र नाम से शुरु हो रहा है नवसंवत्सर, इसके प्रारंभ की तिथि और राजा प्रधानमंत्री को भी जानें, इस तरह मनाएं उत्सव 

Dharam : हिंदू समाज विक्रमी संवत के प्रारम्भ दिवस को नववर्ष के रूप में मनाता है, इस बार विक्रमी संवत 2082 की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा…

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Read more about the article Vishalakshi Temple : माता सती के दाहिने कान की मणि गिरने से शिव की नगरी में बना शक्तिपीठ, जानें क्या है मान्यता और परम्परा
Vishalakshi Temple : वाराणसी भगवान शंकर की नगरी कही जाती है, जहां के बारे में मान्यता है कि वे वहां पर स्वयं विराजते हैं।

Vishalakshi Temple : माता सती के दाहिने कान की मणि गिरने से शिव की नगरी में बना शक्तिपीठ, जानें क्या है मान्यता और परम्परा

Vishalakshi Temple : वाराणसी भगवान शंकर की नगरी कही जाती है, जहां के बारे में मान्यता है कि वे वहां पर स्वयं विराजते हैं। इसी नगरी में प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठों…

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Read more about the article Shri Parvata Shakti Peeth : लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित है माता सती का यह पवित्र मंदिर, मंदिर से नजर आती है विश्व की सबसे ऊंची हवाई पट्टी  
लद्दाख के श्री पर्वत पर जहां माता सती का अत्यंत प्राचीन मंदिर है। श्री पर्वत पर होने के कारण ही इसे श्री पर्वत शक्तिपीठ कहा जाता है

Shri Parvata Shakti Peeth : लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित है माता सती का यह पवित्र मंदिर, मंदिर से नजर आती है विश्व की सबसे ऊंची हवाई पट्टी  

Shri Parvata Shakti Peeth : चैत्र हो या शारदीय नवरात्र देवी के विभिन्न रूपों की इन दिनों में पूजन, भजन और व्रत रखा जाता है। आइए आज चलते हैं लद्दाख…

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