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ब्रह्मा जी के मानस पुत्र स्वायमभुव मनु के पुत्र प्रियव्रत जी जन्म से ही भगवान के परम भक्त थे।

Shri Bhaktamal : श्री प्रियव्रत जी की कथा

Shri Bhaktamal : ब्रह्मा जी के मानस पुत्र स्वायमभुव मनु के पुत्र प्रियव्रत जी जन्म से ही भगवान के परम भक्त थे। देवर्षि नारद की कृपा से उन्होंने परमार्थतत्व को…

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सूर्यवंश में प्रतापी महाराज मान्धाता हुए जिनके पुत्र महाराज मुचुकुन्द थे। वे संपूर्ण पृथ्वी के सम्राट थे।

Shri Bhaktamal : श्री मुचुकुन्द जी की कथा

Shri Bhaktamal : सूर्यवंश का इक्ष्वाकुकुल वही है जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने जन्म लिया था। इसी वंश में प्रतापी महाराज मान्धाता हुए जिनके पुत्र महाराज मुचुकुन्द थे। वे…

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राजर्षि उत्सुक और माता पुष्करिणी ने भगवान की तपस्या कर अंग जैसा पुत्र प्राप्त किया, जो शील स्वभाव, साधुता, ब्रह्मण्यता आदि तमाम गुण वाले थे।

Shri Bhaktamal : श्री अंग जी की कथा

Shri Bhaktamal : ध्रुव जी के वंश में राजर्षि उत्सुक और माता पुष्करिणी ने भगवान की तपस्या कर अंग जैसा पुत्र प्राप्त किया, जो शील स्वभाव, साधुता, ब्रह्मण्यता आदि तमाम…

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श्री हरि ध्यान निष्ठ भक्तों की श्रृंखला में नौ योगीश्वरों के बाद नाम आता है श्रुतदेव जी का।

Shri Bhaktamal : श्री श्रुतदेव जी की कथा

Shri Bhaktamal : श्री हरि ध्यान निष्ठ भक्तों की श्रृंखला में नौ योगीश्वरों के बाद नाम आता है श्रुतदेव जी का। “श्री भक्तमाल” के अनुसार मिथिला में वहां के नरेश…

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भगवान ऋषभदेव के नौ पुत्र जो आत्मविद्या में निपुण थे। वे प्रायः दिगम्बर स्वरूप में ही रहते और लोगों को परमार्थ का उपदेश देते थे। उन्हें ही नौ योगीश्वर कहा जाता है।

Shri Bhaktamal : श्री नौ योगीश्वर की कथा

Shri Bhaktamal : भगवान विष्णु के 24 अवतारों के बाद श्री हरिध्याननिष्ठ भक्तों के बारे में जानेंगे और इस कड़ी मे सबसे पहले नौ योगीश्वरों की कथा समझिए जो बहुत…

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भगवान ने प्रसन्न होकर तप अर्थ वाले “सन” शब्द से जुड़े हुए “सनतकुमार”, ”सनक”, ”सनन्दन” और ”सनातन” रूप में अवतार लिया।

Shri Bhaktamal : श्री सनकादि अवतार की कथा

Shri Bhaktamal : सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा जी की इच्छा विभिन्न लोकों की रचना करने की थी। इसके लिए ब्रह्मा जी ने अखंड तप कर भगवान को प्रसन्न किया।…

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भगवान दत्तात्रेय, महर्षि अत्रि और उनकी पत्नी अनुसूया के पुत्र थे।

Shri Bhaktamal : श्री दत्तात्रेय अवतार की कथा

Shri Bhaktamal : भगवान दत्तात्रेय, महर्षि अत्रि और उनकी पत्नी अनुसूया के पुत्र थे। पिता महर्षि अत्रि सप्तऋषियों में से एक हैं और माता अनुसूया को सतीत्व का प्रतीक माना…

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भगवान विष्णु के 24 अवतारों में एक नर-नारायण अवतार भी है।

Shri Bhaktamal : श्री नर नारायण (बदरीपति) अवतार की कथा

Shri Bhaktamal :  भगवान विष्णु के 24 अवतारों में एक नर-नारायण अवतार भी है। “श्री भक्तमाल” ग्रंथ के अनुसार प्रजापति दक्ष की 13 कन्याओं का विवाह धर्म से हुआ था।…

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ध्रुव का तप देख श्री हरि गरुड़ पर सवार होकर सामने आ गए।

Shri Bhaktamal : श्री ध्रुव अवतार की कथा

Shri Bhaktamal : स्वाम्भुव मनु के पुत्र थे उत्तानपाद जिनकी दो रानियां थीं, बड़ी सुनीति और छोटी सुरुचि। सुनीति के पुत्र ध्रुव और सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम था।…

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ब्रह्मा जी के मुख से निकले वेदों की रक्षा के लिए विष्णु भगवान ने हयग्रीव का अवतार लिया।

Shri Bhaktamal : श्री हयग्रीव अवतार की कथा

Shri Bhaktamal : ब्रह्मा जी के मुख से निकले वेदों की रक्षा के लिए विष्णु भगवान ने हयग्रीव का अवतार लिया। “श्री भक्तमाल” ग्रंथ के अनुसार मधु और कैटभ नाम…

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