Dharma : द्रोपदी के विवाह के लिए राजा द्रुपद ने रचा स्वयंवर, जानिए बड़े-बड़े वीर राजा क्या कर सके
Dharma : पांडवों ने गंधर्वराज चित्रराथ की बात मान पुरोहित की तलाश की और उनकी सलाह पर उसी वन के उत्कोचक तीर्थ में देवल के छोटे भाई धौम्य ऋषि के…
Dharma : पांडवों ने गंधर्वराज चित्रराथ की बात मान पुरोहित की तलाश की और उनकी सलाह पर उसी वन के उत्कोचक तीर्थ में देवल के छोटे भाई धौम्य ऋषि के…
Dharma : द्रौपदी के स्वयंवर उत्सव सभा मंडप में जब सभी क्षत्रिय वीर राजा लक्ष्य को नहीं वेध सके तो ब्राह्मणों के बीच से अर्जुन खड़े हो गए। उन्हें धनुष…
Dharma : पांचाल देश में लक्ष्य वेध करने के बाद जैसे ही राजा द्रुपद की पुत्री द्रौपदी ने ब्राह्मण वेशधारी अर्जुन के गले वरमाला डाली, स्वयंवर मंडप में उपस्थित राजाओं…
Dharma : युद्ध में हारने के बाद गंधर्व चित्ररथ ने अर्जुन से मित्रता करते हुए उन्हें तपतीनंदन कह कर संबोधित किया तो अर्जुन का प्रश्न करना स्वभाविक था। अर्जुन ने…
Dharma : एकचक्रा नगरी में भगवान व्यास जी पांडवों और कुन्ती से मिले तथा भावी जीवन के बारे में कुछ सलाह देकर चले गए। उनके जाते ही पांडव अपनी माता…
Dharma : एकचक्रा नगरी के जिस ब्राह्मण परिवार में पांडव अपनी मां के साथ रुके थे, वहां पधारे एक सदाचारी ब्राह्मण से राजा द्रुपद के पुत्र धृष्टघुम्न और पुत्री द्रौपदी…
Dharma : माता कुन्ती ने जानबूझ कर जब भीम को बक नाम के राक्षस के पास भेजा तभी युधिष्ठिर आदि चारो पांडव वहां आ पहुंचे तो मां ने उन्हें पूरी…
Dharma : हिडिम्बा से घटोत्कच का जन्म होने के बाद भीम वापस अपने परिवार में आ गए और युधिष्ठिर आदि पांडव अपनी मां के साथ एकचक्रा नगरी में रहने लगे।…
Shri Bhaktamal : मदालसा एक ऐसी विद्वान, विदुषी महिला थीं, जिन्हें अपने पुत्रों का ही नहीं पति का भी उद्धार किया। पहले वे गंधर्वराज विश्वावसु की पुत्री थीं फिर नागराज…
Dharma : राक्षसराज हिडिम्ब को मारने के बाद भीम अपनी माता और भाइयों संग वारणावत के जंगलों में आगे बढ़े तो देखा राक्षसी हिडिम्बा भी उनके पीछे आ रही है।…