Dharma : जंगल में राक्षसराज हिडिम्ब ने भेजा तो अपनी बहन हिडिम्बा को था कि पांडवों को मार कर ले आओ तो उन्हें भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाए लेकिन हिडिम्बा भीम को देख उन पर मोहित हो गयी और विवाह का प्रस्ताव कर दिया। उसने आश्वस्त किया कि मेरा भाई नरभक्षी है लेकिन मैं आप लोगों की उससे रक्षा करूंगी। भीम ने अपनी मां और भाइयों की ओर देख कर कहा, अरी राक्षसी, ऐसा कैसे हो सकता है कि मैं तुम्हारे साथ काम क्रीड़ा करूं और इन लोगों को राक्षस का भोजन बनने के लिए छोड़ दूं।
हिडिम्ब राक्षस पांडवों को मारने दौड़ा
उधर काफी देर तक हिडिम्बा के न लौटने पर हिडिम्ब को चिंता हुई और वह पेड़ से उतर कर पांडवों की ओर चला। उसे आता देख हिडिम्बा ने कहा कि वह नरभक्षी है और उससे बचने के लिए मैं आप सबको आकाश मार्ग से उड़ा सकती हूं। उसके इस तरह से कहने पर भीमसेन ने कहा, तुम इनकी चिंता न करो, मेरे रहते कोई भी राक्षस इनका बाल बांका नहीं कर सकता है। तब तक राक्षसराज हिडिम्ब वहीं पर आ गया और उसने देखा कि उसकी बहन मनुष्यो के तरह रूप सज्जा कर भीम को पति बनाने को आतुर है। क्रोधित हो कर हिडिम्ब पांडवों की ओर लपका।
राक्षस को मारने के बाद पांडव वहां से चल पड़े
भीम ने उसे आक्रमण करते देख डाटा, अरे मूर्ख, रुक। तू मेरे इन सोते हुए भाइयों को क्यों जगाना चाहता है। तेरी बहन ने ही ऐसा कौन सा अपराध किया है। हिम्मत है तो मेरे सामने आ, मां अकेला ही काफी हूं। भीम ने हंसते हुए उसका हाथ पकड़ा और घसीट कर कुछ दूर ले गया और दोनों एक दूसरे से लड़ने लगे। उनके शोरगुल से मां कुन्ती और सारे भाई जाग गए और सुंदरी को देख उसका परिचय पूछा, हिडिम्बा ने उन्हें पूरी बात बताते हुए कहा कि इस समय भीम उसे घसीटते हुए दूर जंगल में ले जाकर युद्ध कर रहे हैं। अर्जुन भी वहां पहुंचे और भीम को कमजोर होता देख बोले, मैं अभी इस राक्षस को मार देता हूं वहां मां की रक्षा नकुल और सहदेव कर रहे हैं। भीम ने आश्वस्त किया, अर्जुन तुम घबराओ नहीं, मेरी बांस में फंसने के बाद यह छूट ही नही सकता है। तब भीम ने उसे उठा कर जमीन पर पटक दिया जिससे उसके प्राण निकल गए। हिडिम्ब राक्षस का वध करने के बाद अर्जुन ने भाई भीम से कहा कि यह स्थान वारणावत नगर के नजदीक ही है, दुर्योधन को कुछ भी न पता लगे इसलिए यहां से तुरंत चल देना चाहिए। इसके बाद ही पांडव अपनी मां को लेकर वहां से चल पड़े तो हिडिम्बा राक्षसी भी उनके पीछे-पीछे चलने लगी।