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भक्तमाल ग्रंथ में श्री हरिध्यान निष्ठ भक्तों की कड़ी में अंतिम कथा यज्ञ पत्नियों की लिखी गयी है।

Shri Bhaktamal : श्री यज्ञ पत्नियों की कथा

Shri Bhaktamal : भक्तमाल ग्रंथ में श्री हरिध्यान निष्ठ भक्तों की कड़ी में अंतिम कथा यज्ञ पत्नियों की लिखी गयी है। कथा के अनुसार द्वापर युग में एक बार जंगल…

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मदालसा एक ऐसी विद्वान, विदुषी महिला थीं, जिन्हें अपने पुत्रों का ही नहीं पति का भी उद्धार किया।

Shri Bhaktamal : श्री मदालसा जी की कथा

Shri Bhaktamal : मदालसा एक ऐसी विद्वान, विदुषी महिला थीं, जिन्हें अपने पुत्रों का ही नहीं पति का भी उद्धार किया। पहले वे गंधर्वराज विश्वावसु की पुत्री थीं फिर नागराज…

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Read more about the article Shri Bhaktamal : श्री शतरूपा जी की कथा
स्वाम्भुव मनु और उनकी पत्नी शतरूपा से ही मानव सृष्टि का आरंभ हुआ।

Shri Bhaktamal : श्री शतरूपा जी की कथा

Shri Bhaktamal : स्वाम्भुव मनु और उनकी पत्नी शतरूपा से ही मानव सृष्टि का आरंभ हुआ। ब्रह्मा जी के शरीर के दाहिने भाग से मनु और बाएं भाग से शतरूपा…

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महाराज पृथु के वंश में बहर्षिद नाम के राजा हुए जो बहुत ही धर्मात्मा थे।

Shri Bhaktamal : श्री प्रचेतागणों की कथा

Shri Bhaktamal :  महाराज पृथु के वंश में बहर्षिद नाम के राजा हुए जो बहुत ही धर्मात्मा थे। उन्होंने एक के बाद एक यज्ञ कराए जिससे पूरा भूमंडल यज्ञमंडप सा…

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Read more about the article Shri Bhaktamal : श्री शौनक जी की कथा
नैमिषारण्य में जो 88 हजार ब्रह्मवादी ऋषि रहते थे, उनके प्रधान थे श्री शौनक जी। भृगुवंशी शुनक जी के पुत्र होने के नाते उनका नाम शौनक पड़ा।

Shri Bhaktamal : श्री शौनक जी की कथा

Shri Bhaktamal : नैमिषारण्य में जो 88 हजार ब्रह्मवादी ऋषि रहते थे, उनके प्रधान थे श्री शौनक जी। भृगुवंशी शुनक जी के पुत्र होने के नाते उनका नाम शौनक पड़ा।…

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Read more about the article Shri Bhaktamal : महाराज परीक्षित की कथा
सुभद्रा नंदन अभिमन्यु की पत्नी महाराज विराट की पुत्री उत्तरा गर्भवती थीं। वह गर्भ ही कौरव और पांडवों का एकमात्र वंशधर था।

Shri Bhaktamal : महाराज परीक्षित की कथा

Shri Bhaktamal : सुभद्रा नंदन अभिमन्यु की पत्नी महाराज विराट की पुत्री उत्तरा गर्भवती थीं। वह गर्भ ही कौरव और पांडवों का एकमात्र वंशधर था। अश्वत्थामा ने वंश समाप्त करने…

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ब्रह्मा जी के मानस पुत्र स्वायमभुव मनु के पुत्र प्रियव्रत जी जन्म से ही भगवान के परम भक्त थे।

Shri Bhaktamal : श्री प्रियव्रत जी की कथा

Shri Bhaktamal : ब्रह्मा जी के मानस पुत्र स्वायमभुव मनु के पुत्र प्रियव्रत जी जन्म से ही भगवान के परम भक्त थे। देवर्षि नारद की कृपा से उन्होंने परमार्थतत्व को…

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Read more about the article Shri Bhaktamal : श्री मुचुकुन्द जी की कथा
सूर्यवंश में प्रतापी महाराज मान्धाता हुए जिनके पुत्र महाराज मुचुकुन्द थे। वे संपूर्ण पृथ्वी के सम्राट थे।

Shri Bhaktamal : श्री मुचुकुन्द जी की कथा

Shri Bhaktamal : सूर्यवंश का इक्ष्वाकुकुल वही है जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने जन्म लिया था। इसी वंश में प्रतापी महाराज मान्धाता हुए जिनके पुत्र महाराज मुचुकुन्द थे। वे…

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राजर्षि उत्सुक और माता पुष्करिणी ने भगवान की तपस्या कर अंग जैसा पुत्र प्राप्त किया, जो शील स्वभाव, साधुता, ब्रह्मण्यता आदि तमाम गुण वाले थे।

Shri Bhaktamal : श्री अंग जी की कथा

Shri Bhaktamal : ध्रुव जी के वंश में राजर्षि उत्सुक और माता पुष्करिणी ने भगवान की तपस्या कर अंग जैसा पुत्र प्राप्त किया, जो शील स्वभाव, साधुता, ब्रह्मण्यता आदि तमाम…

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श्री हरि ध्यान निष्ठ भक्तों की श्रृंखला में नौ योगीश्वरों के बाद नाम आता है श्रुतदेव जी का।

Shri Bhaktamal : श्री श्रुतदेव जी की कथा

Shri Bhaktamal : श्री हरि ध्यान निष्ठ भक्तों की श्रृंखला में नौ योगीश्वरों के बाद नाम आता है श्रुतदेव जी का। “श्री भक्तमाल” के अनुसार मिथिला में वहां के नरेश…

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