नैमिषारण्य में जो 88 हजार ब्रह्मवादी ऋषि रहते थे, उनके प्रधान थे श्री शौनक जी। भृगुवंशी शुनक जी के पुत्र होने के नाते उनका नाम शौनक पड़ा।
Shri Bhaktamal : श्री शौनक जी की कथा
Shri Bhaktamal : नैमिषारण्य में जो 88 हजार ब्रह्मवादी ऋषि रहते थे, उनके प्रधान थे श्री शौनक जी। भृगुवंशी शुनक जी के पुत्र होने के नाते उनका नाम शौनक पड़ा।…