Shri Bhaktamal : श्री यज्ञ पत्नियों की कथा
Shri Bhaktamal : भक्तमाल ग्रंथ में श्री हरिध्यान निष्ठ भक्तों की कड़ी में अंतिम कथा यज्ञ पत्नियों की लिखी गयी है। कथा के अनुसार द्वापर युग में एक बार जंगल…
Shri Bhaktamal : भक्तमाल ग्रंथ में श्री हरिध्यान निष्ठ भक्तों की कड़ी में अंतिम कथा यज्ञ पत्नियों की लिखी गयी है। कथा के अनुसार द्वापर युग में एक बार जंगल…
Shri Bhaktamal : सूर्यवंश का इक्ष्वाकुकुल वही है जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने जन्म लिया था। इसी वंश में प्रतापी महाराज मान्धाता हुए जिनके पुत्र महाराज मुचुकुन्द थे। वे…
Shri Bhaktamal : ध्रुव जी के वंश में राजर्षि उत्सुक और माता पुष्करिणी ने भगवान की तपस्या कर अंग जैसा पुत्र प्राप्त किया, जो शील स्वभाव, साधुता, ब्रह्मण्यता आदि तमाम…
Shri Bhaktamal : श्री हरि ध्यान निष्ठ भक्तों की श्रृंखला में नौ योगीश्वरों के बाद नाम आता है श्रुतदेव जी का। “श्री भक्तमाल” के अनुसार मिथिला में वहां के नरेश…