Read more about the article Dharma : भीष्म स्वयं द्रोणाचार्य से मिले और सम्मान पूर्वक महल में लाए, जानिए फिर द्रोणाचार्य ने अपनी गरीबी और पुत्र के बारे में क्या बताया 
भीष्म ने निश्चय किया कि राजकुमारों को द्रोणाचार्य से ही शिक्षा दिलानी चाहिए। वह तुरंत ही उस स्थान पर पहुंचे और द्रोणाचार्य को ले लाए।

Dharma : भीष्म स्वयं द्रोणाचार्य से मिले और सम्मान पूर्वक महल में लाए, जानिए फिर द्रोणाचार्य ने अपनी गरीबी और पुत्र के बारे में क्या बताया 

Dharma : खेल के मैदान में कुएं के भीतर गेंद का जाना और फिर ब्राह्मण देवता द्वारा उसे अंगूठी से निकाल देने की घटना राजकुमारों ने नगर में पहुंचते ही…

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आचार्य द्रोण हस्तिनापुर में आकर कृपाचार्य के आवास पर गोपनीय तरीके से रहने लगे।

Dharma : द्रोणाचार्य ने हस्तिनापुर के राजकुमारों के सामने ऐसा क्या किया कि सब अचम्भे में आ गए, फिर पितामह भीष्म ने कैसे पहचाना 

Dharma : आचार्य द्रोण हस्तिनापुर में आकर कृपाचार्य के आवास पर गोपनीय तरीके से रहने लगे। एक दिन युधिष्ठिर आदि सभी राजकुमार एक मैदान में गेंद खेल रहे थे। गेंद…

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Read more about the article Dharma : द्रोण ने कृपी से विवाह कर पुत्र को दिया जन्म, जानिए उसके नामकरण का रहस्य और मित्र राजा द्रुपद से मिलने पर क्या हुआ 
द्रोणाचार्य पिता की मृत्यु के बाद पिता के आश्रम में ही रहकर तप करने लगे। उन्होंने धनुर्वेद के ज्ञाता शरद्वान की पुत्री कृपी से विवाह कर लिया।

Dharma : द्रोण ने कृपी से विवाह कर पुत्र को दिया जन्म, जानिए उसके नामकरण का रहस्य और मित्र राजा द्रुपद से मिलने पर क्या हुआ 

Dharma : भरद्वाज मुनि के पुत्र द्रोणाचार्य पिता की मृत्यु के बाद पिता के आश्रम में ही रहकर तप करने लगे। उन्होंने धनुर्वेद के ज्ञाता शरद्वान की पुत्री कृपी से…

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