Shri Bhaktamal : श्री ऋषभ अवतार की कथा
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” ग्रंथ में श्री यज्ञ अवतार की कथा के बाद श्री ऋषभ अवतार की कथा का वर्णन है। महाराजा आग्नीध्र के पुत्र राजा नाभि ने संतान…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” ग्रंथ में श्री यज्ञ अवतार की कथा के बाद श्री ऋषभ अवतार की कथा का वर्णन है। महाराजा आग्नीध्र के पुत्र राजा नाभि ने संतान…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” में मनु अवतारों की कथा का विस्तार से वर्णन है। ब्रह्मा जी सृष्टि के संचालन के लिए समय-समय पर अलग-अलग मनुओं को भेजते हैं और…
Shri Bhaktamal : एक बार परम ऋषियों सनकादिक आदि ने अपने पिता ब्रह्मा जी से पूछा, पिताजी ! चित्त तो विभिन्न विषयों में घुसा रहता है और गुण भी चित्त…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार महाराज पृथु के अवतार के बाद भगवान विष्णु के श्री हरि के अवतार की कथा है, जिसे गजेन्द्र मोक्ष के नाम से भी…
Shri Bhaktamal : महाराज अंग की पत्नी सुनीथा दूसरों को पीड़ा पहुंचाने वाले साक्षात मृत्यु की पत्नी थीं, जिनसे वेन नाम का पुत्र हुआ। वह भी अपने नाना की तरह…
Shri Bhaktamal : चेदि देश के राजा वसु थे, उन्होंने देवराज इंद्र से आग्रह कर एक दिव्य विमान प्राप्त किया जिस पर बैठकर वो आकाश में सबसे ऊपर उड़ते थे,…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” उसके रचयिता नाभादास जी और टीकाकार प्रियादास जी के बाद भगवान के कुछ प्रमुख अवतारों के बारे में जानिए। संसार में जब-जब किसी तरह का…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” ग्रंथ के रचयिता नाभादास के बाद गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित महान ग्रंथ की टीका “भक्तिरसबोधिनी” के टीकाकार श्री प्रियादास जी के बारे में जानना जरूरी…
Shreebhaktamal : मेरे हाथ में है गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित पुस्तक “श्री भक्तमाल” जो भगवान के भक्तों की पुनीत गाथा है। इस पुस्तक के रचयिता श्री नाभादास जी हैं जिन्होंने…