Shri Bhaktamal : श्री मनुओं के अवतारों की कथा
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” में मनु अवतारों की कथा का विस्तार से वर्णन है। ब्रह्मा जी सृष्टि के संचालन के लिए समय-समय पर अलग-अलग मनुओं को भेजते हैं और…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” में मनु अवतारों की कथा का विस्तार से वर्णन है। ब्रह्मा जी सृष्टि के संचालन के लिए समय-समय पर अलग-अलग मनुओं को भेजते हैं और…
Shri Bhaktamal : एक बार परम ऋषियों सनकादिक आदि ने अपने पिता ब्रह्मा जी से पूछा, पिताजी ! चित्त तो विभिन्न विषयों में घुसा रहता है और गुण भी चित्त…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार महाराज पृथु के अवतार के बाद भगवान विष्णु के श्री हरि के अवतार की कथा है, जिसे गजेन्द्र मोक्ष के नाम से भी…
Shri Bhaktamal : महाराज अंग की पत्नी सुनीथा दूसरों को पीड़ा पहुंचाने वाले साक्षात मृत्यु की पत्नी थीं, जिनसे वेन नाम का पुत्र हुआ। वह भी अपने नाना की तरह…
Shri Bhaktamal : चेदि देश के राजा वसु थे, उन्होंने देवराज इंद्र से आग्रह कर एक दिव्य विमान प्राप्त किया जिस पर बैठकर वो आकाश में सबसे ऊपर उड़ते थे,…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार श्रीविष्णु जी का नवां अवतार बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महाराज शुद्धोदन के पुत्र गौतम बुद्ध का माना गया है जिनका बचपन का नाम…
Shri Bhakatmal : “परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्कृताम्, धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे-युगे” अर्थात साधु पुरुषों की रक्षा, दुष्टों का विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मैं युग-युग में प्रकट होता…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार श्री विष्णु जी ने प्रतिज्ञा की थी जब-जब धर्म की हानि होगी, असुर, अधम और अभिमानी लोगों की अधिकता होगी, तब-तब मैं किसी…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार भगवान विष्णु का छठा अवतार भगवान परशुराम हैं जो यमदग्नि और रेणुका के आठवें पुत्र के रूप में जन्मे थे। एक बार उनके पिता…
Shri Bhaktamal : असुरों के साथ संग्राम में अंततः देवताओं की विजय हुई और इंद्र का स्वर्ग के सिंहासन पर फिर से अभिषेक हुआ। विजय के गर्व में देवता उन…