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शतश्रृंग पर्वत पर रहने वाले ऋषि मुनियों को तपस्या कर रहे राजा पाण्डु की मृत्यु का समाचार मिला तो उन्होंने विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार किया।

PANDU’S DEATH : जानिए पाण्डु की मृत्यु के बाद किसने किया अंतिम संस्कार, अस्थियां लेकर मुनियों का दल कहां पहुंचा

PANDU'S DEATH : शतश्रृंग पर्वत पर रहने वाले ऋषि मुनियों को तपस्या कर रहे राजा पाण्डु की मृत्यु का समाचार मिला तो उन्होंने विधि विधान से उनका अंतिम संस्कार किया…

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Read more about the article Nakul & Sahdev : माद्री से इस तरह हुआ नकुल और सहदेव का जन्म, कुन्ती के आग्रह को माद्री ने क्यों ठुकराया 
माद्री ने नकुल तथा सहदेव के रूप में जुड़वां पुत्रों को जन्म दिया।

Nakul & Sahdev : माद्री से इस तरह हुआ नकुल और सहदेव का जन्म, कुन्ती के आग्रह को माद्री ने क्यों ठुकराया 

Nakul & Sahdev : युधिष्ठिर, भीमसेन और अर्जुन के जन्म के बाद पाण्डु प्रसन्न तो थे किंतु तीनों पुत्र कुन्ती के गर्भ से हुए थे इसलिए चाहते थे कि माद्री…

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Read more about the article Birth of Bhimsen & Arjun :  जानिए युधिष्ठिर के बाद किस देवता के आह्वान पर हुआ भीमसेन और अर्जुन का जन्म 
देवता के आह्वान पर कुंती ने भीमसेन और अर्जुन को जन्म दिया।

Birth of Bhimsen & Arjun :  जानिए युधिष्ठिर के बाद किस देवता के आह्वान पर हुआ भीमसेन और अर्जुन का जन्म 

Birth of Bhimsen & Arjun :  युधिष्ठिर के जन्म के कुछ समय बाद राजा पाण्डु ने कुन्ती से फिर कहा, प्रिये ! क्षत्रिय जाति बल प्रधान है और क्षत्रियों की…

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Read more about the article Pandu Went to Brahmaloka: जानिए ऋषियों ने वानप्रस्थी राजा पाण्डु को ब्रह्मलोक जाने से क्यों रोका, दिव्य दृष्टि से देख कर क्या बताया 
जानिए ऋषियों ने वानप्रस्थी राजा पाण्डु को ब्रह्मलोक जाने से क्यों रोका, दिव्य दृष्टि से देख कर क्या बताया।

Pandu Went to Brahmaloka: जानिए ऋषियों ने वानप्रस्थी राजा पाण्डु को ब्रह्मलोक जाने से क्यों रोका, दिव्य दृष्टि से देख कर क्या बताया 

Pandu Went to Brahmaloka : किंदम मुनि के शाप के बाद हस्तिनापुर नरेश पाण्डु अपने नेत्रहीन बड़े भाई राजा धृतराष्ट्र को राजकाज की जिम्मेदारी देकर अपनी पत्नियों कुन्ती और माद्री…

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Read more about the article Vanaprastha of Pandu : किंदम मुनि का शाप सुन राजा पाण्डु ने लिया वानप्रस्थ का निर्णय, जानिए दोनों पत्नियों ने क्या किया 
शाप से दुखी राजा पाण्डु ने संन्यास लेने का निर्णय सुनाया तो उनकी पत्नियां कुंती और माद्री भी चलने को तैयार हो गयीं।

Vanaprastha of Pandu : किंदम मुनि का शाप सुन राजा पाण्डु ने लिया वानप्रस्थ का निर्णय, जानिए दोनों पत्नियों ने क्या किया 

Vanaprastha of Pandu : शिकार खेलने के दौरान हस्तिनापुर सम्राट महाराज पाण्डु ने सहवास करते एक हिरन और हिरनी को बाणों से घायल किया तो हिरन जो वास्तव में किंदम…

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Vichitravirya Marriage : हस्तिनापुर में ऐसा क्या घटित हुआ जो माता सत्यवती ने भीष्म के सामने रखा प्रस्ताव, जानिए भीष्म ने क्या जवाब दिया

Vichitravirya Marriage : काशी में गंगा पुत्र भीष्म अपने बाहुबल से सभी राजाओं को हराकर काशी नरेश की तीनों कन्याओं का हरण कर हस्तिनापुर ले आए और तीनों कन्याओं को…

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Read more about the article Mahashivratri 2025 : आत्मजागरण और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का समय, स्वयं को जागृत करने की महारात्रि
Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आत्मजागरण और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के संतुलन का महत्वपूर्ण अवसर है।

Mahashivratri 2025 : आत्मजागरण और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का समय, स्वयं को जागृत करने की महारात्रि

Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि आत्मजागरण और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के संतुलन का महत्वपूर्ण अवसर है। यह पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित…

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तुलसी जी ने क्यों दिया भगवान श्री विष्णु हरि का पत्थर बनने का शाप, जानिए क्यों मनाया जाता है शालिग्राम तुलसी विवाह

प्रति वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष में एकादशी के दिन श्री हरि के योग निद्रा से जागने के बाद उनके विग्रह स्वरूप शालिग्राम के साथ तुलसी माता से विवाह किया जाता…

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कुण्डली का नवम भाव: धर्म, भाग्य और दीर्घजीवन का रहस्य.. बृहस्पति देव और बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद होता है इनके लिए जरुरी

Shashishekhar Tripathi  ज्योतिषशास्त्र में नवम भाव को धर्म और भाग्य का प्रतीक माना जाता है. यह भाव जातक के जीवन में नैतिकता, आध्यात्मिक उन्नति और दीर्घजीवन के लिए महत्वपूर्ण है.…

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