Shri Bhakatmal : श्री कृष्ण अवतार की कथा
Shri Bhakatmal : “परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्कृताम्, धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे-युगे” अर्थात साधु पुरुषों की रक्षा, दुष्टों का विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मैं युग-युग में प्रकट होता…
Shri Bhakatmal : “परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्कृताम्, धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे-युगे” अर्थात साधु पुरुषों की रक्षा, दुष्टों का विनाश और धर्म की स्थापना के लिए मैं युग-युग में प्रकट होता…