कुण्डली के तृतीय भाव से जानें परिश्रम, पराक्रम और छोटे भाई-बहनों का गूढ़ रहस्य: मंगल और बुध के प्रभाव से समझें जातक के जीवन की दिशा
Shashishekhar Tripathi ज्योतिषशास्त्र में तृतीय भाव को कर्मभाव या पराक्रम भाव कहा जाता है, जो व्यक्ति के साहस, परिश्रम और आत्मबल का प्रतीक है. यह भाव जातक के जीवन में…