कुण्डली के चतुर्थ भाव में छिपा है हृदय, सुख, और भावनाओं का रहस्य: जानें जीवन के दूसरे चरण और गृहस्थी के सुख का गूढ़ ज्ञान

Shashishekhar Tripathi  ज्योतिषशास्त्र में चतुर्थ भाव को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, क्योंकि यह भाव जातक की भावनाओं, कामनाओं और गृहस्थी के सुखों का प्रतीक है. इस भाव से व्यक्ति…

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पंचम भाव: विचारशक्ति, संतान-सुख, भाग्य की चमक और जीवन की मानसिक चेतना का केंद्र

Shashishekhar Tripathi  पंचम भाव को ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि यह भाव विचारशक्ति, ज्ञान, संतान, और व्यक्ति के जीवन की सफलता का प्रतीक है. जिस प्रकार…

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