मां दुर्गा की तीसरा स्वरूप हैं माता चंद्रघंटा, इनके मस्तक पर विराजमान घंटे की गूंज से राक्षस भी होते भयभीत

ANJANI  NIGAM नवरात्र का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है. ये मां दुर्गा की तीसरी शक्ति हैं और इनका स्वरूप परम कल्याणकारी और शांतिदायक है. इनकी आराधना से श्रद्धालु…

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संतान की आरोग्यता और दीर्घायु के लिए रखा जाता है अहोई अष्टमी का व्रत, जानिए पूरी पूजा विधि

अहोई अष्टमी का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को किया जाता है. अहोई अष्टमी को कुछ लोग अहोई आठें भी बोलते हैं. इस दिन से दीपावली…

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दो भयंकर असुर के संहार के लिए ब्रह्मा जी ने किया देवी योगनिद्रा का आह्वान, जानें कहां है देवी का निवास

Anjani Nigam  एक बार की बात है कि भगवान विष्णु शेषनाग की शैय्या पर योगिनिद्रा का सहारा लेकर सो रहे थे तभी उनके कानों के मैल से दो भयंकर असुर…

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वैदिक दर्शन का दिव्य उपहार: अनेकता में एकता की परंपरा और महाविद्याओं का गूढ़ रहस्य

पं. राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में अनेकता में एकता का सिद्धांत गहराई से निहित है. यह अवधारणा वैदिक दर्शन की एक महत्वपूर्ण देन है, जिसका…

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महाकाली: शक्ति और संहार का अद्वितीय स्वरूप

पं. राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी मां महाकाली की महिमा अपार है, जिनका प्राकट्य असुरों के संहार और संसार की रक्षा के लिए हुआ. उनका भव्य स्वरूप दस हाथ, दस पैर और…

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मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी : जिनके एक हाथ में जप की माला और दूसरे में कमंडल दर्शाता कठोर तप

Anjani Nigam नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप की पूजा की जाती है, जिन्हें ब्रह्मचारिणी के नाम से जाना जाता है. यह नाम स्वयं बताता है कि…

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