कामदेव के कोप से मिट गयी वेदों की मर्यादा, विवेक की सेना के नायकों के बारे में जानिए और कैसे सब पीठ दिखा कर भाग खड़े हुए
देवताओं के आग्रह पर कामदेव अपना फूलों का धनुष और सहायकों को लेकर शिव जी के पास जाने के लिए चला. हाथों में मछली के निशान वाली ध्वजा भी थी.…