प्रकृति की उपासना और संतुलन का पर्व है छठ, केवल सूर्य की ही नहीं बल्कि उनकी दोनों पत्नियों को भी अर्ध्य देकर दिया जाता है सम्मान

धर्मग्रंथों के अनुसार सूर्य की पत्नियां ही उनकी शक्तियां हैं जिनके नाम क्रमशः ऊषा और प्रत्यूषा हैं. वास्तव में ऊषा सूर्योदय के समय की पहली किरण को कहते हैं और…

Continue Readingप्रकृति की उपासना और संतुलन का पर्व है छठ, केवल सूर्य की ही नहीं बल्कि उनकी दोनों पत्नियों को भी अर्ध्य देकर दिया जाता है सम्मान

जानिए छठ मैया के जन्म की कहानी, श्री राम व सीता, सूर्य पुत्र कर्ण और पांडव पत्नी द्रौपदी का सूर्य पूजा के साथ कैसे बना कनेक्शन

छठ पूजा के पर्व का देश ही नहीं विदेशों में भी बसे पूर्वांचल के लोगों के बीच बहुत महत्व है. कार्तिक महीने में दीपावली के छठवें मुख्य पर्व होता है…

Continue Readingजानिए छठ मैया के जन्म की कहानी, श्री राम व सीता, सूर्य पुत्र कर्ण और पांडव पत्नी द्रौपदी का सूर्य पूजा के साथ कैसे बना कनेक्शन

क्यों की जाती है यम द्वितीया को भगवान चित्रगुप्त के साथ कलम दवात की भी पूजा, जानिए यमराज और चित्रगुप्त जी की कनेक्टिविटी

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया के दिन जहां एक ओर भाई बहन के प्यार को अटूट बनाने का कार्य किया जाता है वहींं इस दिन भगवान चित्रगुप्त के…

Continue Readingक्यों की जाती है यम द्वितीया को भगवान चित्रगुप्त के साथ कलम दवात की भी पूजा, जानिए यमराज और चित्रगुप्त जी की कनेक्टिविटी

यम द्वितीया आज, बहनों के घर जाकर भाई टीका करा उन्हें गिफ्ट जरूर दें, जानें कब और किसने शुरु की भाई बहन के अटूट प्यार की परम्परा

अमावस्या को दीपावली और कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा के बाद पंचदिवसीय दीपोत्सव की पूर्णता भाई दूज के साथ होती है. इसे यम द्वितीया भी कहते हैं. आइए जानते…

Continue Readingयम द्वितीया आज, बहनों के घर जाकर भाई टीका करा उन्हें गिफ्ट जरूर दें, जानें कब और किसने शुरु की भाई बहन के अटूट प्यार की परम्परा

भैया दूज के साथ, यमराज के अकाउंटेंट चित्रगुप्त का भी होता है इस दिन पूजन..जाने क्या है इसके पीछे की कहानी

दीपावली के साथ ही भाई-बहन के पावन प्रेम के प्रतीक भाई द्वितीया का अपना विशेष महत्व है. भैया दूज मनाने के साथ पंचदिवसीय दीपावली पर्व की पूर्णता होती है. बहने…

Continue Readingभैया दूज के साथ, यमराज के अकाउंटेंट चित्रगुप्त का भी होता है इस दिन पूजन..जाने क्या है इसके पीछे की कहानी

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट का भोग लगाएं. जानें परम्परा के पीछे की क्या है कथा

दीपावली के दूसरे दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा की जाती है जिसे लोग अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं. भगवान श्री कृष्ण के…

Continue Readingकार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट का भोग लगाएं. जानें परम्परा के पीछे की क्या है कथा

छत पर लाल रंग की लाइट जलाने का लक्ष्मी जी से क्या है संबंध, युगों पुरानी परम्परा का क्या है कारण

वैसे तो पूरे कार्तिक मास कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि इस माह में करवा चौथ, अहोई अष्टमी, रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी आदि कई तीज त्योहार के साथ ही पांच…

Continue Readingछत पर लाल रंग की लाइट जलाने का लक्ष्मी जी से क्या है संबंध, युगों पुरानी परम्परा का क्या है कारण

गणेश लक्ष्मी का पूजन करने के बाद खील, गट्टा आदि का भोग लगाने का भाव भी समझें, क्या है इसका ज्योतिष से कनेक्शन

दीपावली पर बाजारों में खील, लइया, च्यूड़ा, गट्टा, बताशे और खिलौने की दुकानें सजी हैं और गणेश लक्ष्मी की पूजा के बाद भोग में परम्परागत रूप से इन्हें चढ़ाया भी…

Continue Readingगणेश लक्ष्मी का पूजन करने के बाद खील, गट्टा आदि का भोग लगाने का भाव भी समझें, क्या है इसका ज्योतिष से कनेक्शन

गणेश लक्ष्मी के साथ ही करें कुबेर की इस तरह करें पूजा, जानिए तीनों के बीच क्या है कनेक्टिविटी

कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दीपावली का मुख्य पर्व दीपोत्सव गणेश, लक्ष्मी और कुबेर पूजा के साथ मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन लक्ष्मी जी का…

Continue Readingगणेश लक्ष्मी के साथ ही करें कुबेर की इस तरह करें पूजा, जानिए तीनों के बीच क्या है कनेक्टिविटी

आज शाम मकान की दक्षिण दिशा में यह काम जरूर कर दें, सेहत का रखें ध्यान नहीं तो यम भी नहीं बचा पाएंगे

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से दीपावली पर्व का प्रारंभ होता है. त्रयोदशी को धनतेरस या धनत्रयोदशी भी कहा जाता है और इस आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरी…

Continue Readingआज शाम मकान की दक्षिण दिशा में यह काम जरूर कर दें, सेहत का रखें ध्यान नहीं तो यम भी नहीं बचा पाएंगे