करें नीलकंठ पक्षी के दर्शन, दशहरा के दिन इस पक्षी को देखने से होगा शुभ ही शुभ, भगवान राम को भी इस रूप में दिए थे दर्शन

  दशहरा के दिन इस पक्षी को देखने से अशुभ भी शुभ हो जाता है, तो वहीं शुभ कार्य तो और भी अच्छे तरीके से पूरा हो जाता है. इस…

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जानें कौन था यह महान बालक जिसके हाथों की पकड़ में आने के बाद महादानव की जान ही निकल गयी, सब उसे कहने लगे सर्वदमन वैसे उसके कई नाम

महर्षि कण्व के आश्रम में रहने वाली शकुंतला के गर्भ से एक ऐसे तेजस्वी पुत्र का जन्म हुआ कि आकाश से फूलों की वर्षा होने लगी और देवगण दुदुंभि बजाने…

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बुखार पीड़ित ब्राह्मण देव ने मजबूरी में सुनी शिव पुराण की कथा, जानें फिर यमराज के दूतों और शिव के गणों के बीच क्यों हुआ विवाद

एक बार की बात है किसी नगर में देवराज नाम का एक ब्राह्मण रहता था जो वैदिक धर्म से बिल्कुल ही विमुख था. जीवन में किसी भी नियम का पालन…

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व्यर्थ है भौतिकता में उलझ कर सुख पाने की लालसा, यह भटकाव ठीक नहीं क्योंकि असली सुख तो उस शक्ति के चरणों में रमने से

समाज में हर कोई किसी न किसी कारण दुखी है यानी वह सुख के अभाव में और सुख की तलाश कर रहा है. एक दूसरे की चर्चा को आप ध्यान…

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कामदेव के कोप से मिट गयी वेदों की मर्यादा, विवेक की सेना के नायकों के बारे में जानिए और कैसे सब पीठ दिखा कर भाग खड़े हुए

देवताओं के आग्रह पर कामदेव अपना फूलों का धनुष और सहायकों को लेकर शिव जी के पास जाने के लिए चला. हाथों में मछली के निशान वाली ध्वजा भी थी.…

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भगवान शिव के प्रति पार्वती जी की अगाध श्रद्धा को देख उनके चरणों नवाने लगे सप्तर्षि, फिर शिव जी के विवाह के लिए कैसी हुई घेराबंदी

सप्तर्षियों ने तप में लीन पार्वती जी को कई तरह से समझाने का प्रयास किया कि वे शिव जी को वर के रूप में पाने का प्रयास छोड़ दें क्योंकि…

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वृंदावन की महिमा अपरम्पार जहां भगवान श्री कृष्ण के प्रभाव से भक्ति रहती जीवंत, लेकिन ज्ञान और वैराग्य हो रहा कमजोर जानिए क्यों

देवर्षि नारद पृथ्वी लोक में धर्म को विलुप्त होते और व्याभिचार, कदाचार आदि बढ़ने से दुखी हो ऋषियों से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने ऋषियों को वृंदावन धाम की एक…

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भगवान विष्णु का अवतार होने पर भी श्री राम ने की उनकी पूजा, विभीषण मूर्ति नहीं ले जा सके तो स्थापना कर बना दिया गया श्रीरंगम मंदिर 

दक्षिण भारत के तमिलनाडु में यूं तो छोटे-बड़े 108 पवित्र वैष्णव मंदिर हैं, जिनमें त्रिची जिले में श्रीरंगम में में सबसे प्रमुख वैष्णव मंदिर है श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर जिसकी…

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सांसारिक चीजों में सुख की तलाश व्यर्थ, भगवान की भक्ति को रूप गंगा जी को छोड़ ओस की बूंदों से कैसे मिल सकती है तृप्ति

सांसारिक चीजों में सुख की तलाश करना व्यर्थ है. संतों का कहना है कि उन पदार्थों में सुख की तलाश करना गलत है जिन्हें एक न एक दिन किसी भी…

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देवर्षि होने के बाद भी नारद जी के मुख पर उदासी देख चिंतित हो गए सनकादि ऋषि, जानें फिर मुनिवर ने कौन सा वृतांत बताया

देवर्षि नारद की उदासी उनके चेहरे पर झलक रही थी, इसे देख सनकादिक ऋषियों ने उन्हें रोककर पूछा, हे ब्राह्मण आप इतनी जल्दी में कहां जा रहे हैं और आप…

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