कुण्डली के तृतीय भाव से जानें परिश्रम, पराक्रम और छोटे भाई-बहनों का गूढ़ रहस्य: मंगल और बुध के प्रभाव से समझें जातक के जीवन की दिशा

Shashishekhar Tripathi  ज्योतिषशास्त्र में तृतीय भाव को कर्मभाव या पराक्रम भाव कहा जाता है, जो व्यक्ति के साहस, परिश्रम और आत्मबल का प्रतीक है. यह भाव जातक के जीवन में…

Continue Readingकुण्डली के तृतीय भाव से जानें परिश्रम, पराक्रम और छोटे भाई-बहनों का गूढ़ रहस्य: मंगल और बुध के प्रभाव से समझें जातक के जीवन की दिशा

कुण्डली के चतुर्थ भाव में छिपा है हृदय, सुख, और भावनाओं का रहस्य: जानें जीवन के दूसरे चरण और गृहस्थी के सुख का गूढ़ ज्ञान

Shashishekhar Tripathi  ज्योतिषशास्त्र में चतुर्थ भाव को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, क्योंकि यह भाव जातक की भावनाओं, कामनाओं और गृहस्थी के सुखों का प्रतीक है. इस भाव से व्यक्ति…

Continue Readingकुण्डली के चतुर्थ भाव में छिपा है हृदय, सुख, और भावनाओं का रहस्य: जानें जीवन के दूसरे चरण और गृहस्थी के सुख का गूढ़ ज्ञान

पंचम भाव: विचारशक्ति, संतान-सुख, भाग्य की चमक और जीवन की मानसिक चेतना का केंद्र

Shashishekhar Tripathi  पंचम भाव को ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि यह भाव विचारशक्ति, ज्ञान, संतान, और व्यक्ति के जीवन की सफलता का प्रतीक है. जिस प्रकार…

Continue Readingपंचम भाव: विचारशक्ति, संतान-सुख, भाग्य की चमक और जीवन की मानसिक चेतना का केंद्र

कुण्डली के षष्ठ भाव से जानें शत्रुओं, कठिनाइयों और स्वास्थ्य का गूढ़ रहस्य: शुक्र और राहु के प्रभाव से समझें जातक के जीवन की दिशा

Shashishekhar Tripathi  ज्योतिषशास्त्र में षष्ठ भाव को शत्रुभाव या रोग भाव कहा जाता है, जो व्यक्ति की कठिनाइयों, शत्रुताओं और स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. यह भाव जातक के जीवन…

Continue Readingकुण्डली के षष्ठ भाव से जानें शत्रुओं, कठिनाइयों और स्वास्थ्य का गूढ़ रहस्य: शुक्र और राहु के प्रभाव से समझें जातक के जीवन की दिशा