फल, मिठाई से नहीं हरी सब्जियों के भोग से प्रसन्न होती है बुद्धा देवी… जाने कहां है यह अद्भुत अलौकिक मंदिर

प्रथम देव गणपति को उनका प्रिय भोग लड्डू लगाया जाता है तो देवियों को उनके स्वरूप के आधार पर सफेद बर्फी, पेड़ा  मिठाई आदि का भोग लगाया जाता है. किंतु…

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मनचाहा फल पाना चाहते हैं तो दशहरा पर इन उपायों को जरूर करें, विद्यार्थी गाड़ सकेंगे करियर के झंडे

दशहरा का पर्व इस साल 12 अक्टूबर 2024  शनिवार के दिन मनाया जाएगा. यूं तो यह त्योहार अन्याय पर न्याय की विजय के प्रतीक रूप में मनाते हैं. रावण का…

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राक्षस तो बहुत हुए, फिर विजयादशमी पर ही क्यों फूंका जाता है रावण का पुतला.. जानें इसके पीछे का कारण

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है. इस दिन गांव कस्बों से लेकर महानगरों ही नहीं विदेशों में भी धूमधाम से रामलीला…

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धर्म- सांसारिक विषयों से दूरी बना कर परमात्मा में आसक्ति करने पर ही मिलता है वास्तविक सुख

व्यक्ति सांसारिक विषयों अर्थात भोग विलास, माया मोह में फंस कर उसे ही सुख मानने की भूल कर बैठता है. यह सब तो क्षणिक सुख है लेकिन यदि वास्तविक सुख…

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कण-कण में है शिव

जागेश्वर मंदिर संसार में शिव-शक्ति सिरजनहार हैँ. जहाँ शिव और शक्ति दोनों जाग्रत स्वरूप में हैं वह स्थान है जागेश्वर. महादेव की महिमा जागेश्वर से कई किलोमीटर पहले से दिखने…

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अनोखा शिव मंदिर जहां आज भी द्रोण पुत्र अश्वत्थामा आते हैं पूजा करने, जानिए कहां पर है यह मंदिर

Shashishekhar Tripathi द्वापर के महाभारत काल में अरण्य वन का उल्लेख आता है, जहां पांडवों और कौरवों के गुरु द्रोणाचार्य रहते थे. यहां गुरु द्रोणाचार्य ने एक शिवलिंग की स्थापना…

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दशहरा के दिन इस पक्षी को देखने से होगा शुभ ही शुभ, भगवान राम को भी इस रूप में दिए थे दर्शन

Shashishekhar Tripathi दशहरा के दिन इस पक्षी को देखने से अशुभ भी शुभ हो जाता है, तो वहीं शुभ कार्य तो और भी अच्छे तरीके से पूरा हो जाता है.…

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महान ऋषि की संतान होने के बाद भी रावण क्यों बना राक्षस, नहीं पहचान सका शिव जी के अवतार को

विजयादशमी अर्थात दशहरा का पर्व लंकाधिपति रावण पर प्रभु श्री राम की विजय के उल्लास में मनाया जाता है और इस अवसर पर अन्याय के प्रतीक राक्षस राज रावण का…

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दुर्गमासुर का अंत कर माता ने क्षेत्र के सूखे और अकाल को किया दूर, जानें माता शाकम्भरी की कथा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला जहां एक ओर नक्काशीदार लकड़ी के आकर्षक उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है, वहीं यहां कि शिवालिक पर्वत शृंखला की तलहटी में बेहट तहसील के…

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क्या आप जानते हैं? कि इन दो शहरों में नहीं होता है दशहरे के दिन पुतला दहन, जाने क्या है इसके पीछे का रहस्य

कानपुर में रामलीला का मंचन ढाई सौ सालों से भी अधिक पुराना है जहां मंचन स्थल तक भगवान के स्वरूपों की सवारी यानी यात्रा भी निकलती है और विजयादशमी के…

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