Jyotish : बाजारीकरण की आंधी में ज्योतिषियों को करनी होगी पवित्रता की रक्षा
Jyotish : इंडियन कॉउसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेस के दीक्षांत एवं उपाधि वितरण समारोह में संत श्री स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज ने व्याख्यान देते हुए ज्योतिष के मर्म को…
Jyotish : इंडियन कॉउसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेस के दीक्षांत एवं उपाधि वितरण समारोह में संत श्री स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज ने व्याख्यान देते हुए ज्योतिष के मर्म को…
Dharma : गुरु द्रोणाचार्य तो पूरी लगन से कुरुवंश के राजकुमारों को अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान दे ही रहे थे, काफी समय तक उन्हें ज्ञान देने के बाद लगा शिष्यों की…
Dharma : गुरु द्रोण के शिष्य और हस्तिनापुर के राजकुमारों पाण्डवों ने जब देखा कि एक काले कलूटे युवक ने कुशलता से उसके धनुर्विद्या अभ्यास में भोंक कर बाधा पहुंचा…
Dharma : द्रोणाचार्य कुरु वंश के राजकुमारों को शस्त्रों का अभ्यास कराते थे और उनकी ख्याति सुन कर दूसरे साम्राज्यों के राजकुमार भी उनके गुरुकुल में शिक्षा के लिए आने…
Dharma : यूं तो अंधेरे में तीर चलाना मुहावरा है जिसे किसी ऐसे व्यक्ति का उपहास उड़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है जो बिना सोचे-समझे और बिना जानकारी लिए…
Dharma : भीष्म पितामह ने द्रोणाचार्य की बातें धैर्य और सम्मान के साथ सुनने के बाद निवेदन किया कि वे हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र और पांडु के पुत्रों को शिक्षा दें।…
Dharma : खेल के मैदान में कुएं के भीतर गेंद का जाना और फिर ब्राह्मण देवता द्वारा उसे अंगूठी से निकाल देने की घटना राजकुमारों ने नगर में पहुंचते ही…
Dharma : आचार्य द्रोण हस्तिनापुर में आकर कृपाचार्य के आवास पर गोपनीय तरीके से रहने लगे। एक दिन युधिष्ठिर आदि सभी राजकुमार एक मैदान में गेंद खेल रहे थे। गेंद…
Dharma : भरद्वाज मुनि के पुत्र द्रोणाचार्य पिता की मृत्यु के बाद पिता के आश्रम में ही रहकर तप करने लगे। उन्होंने धनुर्वेद के ज्ञाता शरद्वान की पुत्री कृपी से…
Dharma : कौरव और पांडव गुरु कृपाचार्य से धनुर्वेद की शिक्षा ले रहे थे, जिसे देख भीष्म प्रसन्न तो थे लेकिन महसूस कर रहे थे कि इन लोगों को इससे…