Dharm: भगवान की कथाओं को सुन ऐसी भक्ति लगी कि वेदों के मर्मज्ञ इन ऋषि की देवता भी करने लगे पूजा, बन गए भगवान के “मन”
Dharm: ज्ञान के स्वरूप, विद्या के भंडार, संपूर्ण विश्व के हितकारी, सभी लोकों में अबाध गति से चलने वाले, समस्त गुणों के आधार, सभी लोगों को नियमों का उपदेश देने…