Shri Bhaktamal : श्री हंस अवतार की कथा
Shri Bhaktamal : एक बार परम ऋषियों सनकादिक आदि ने अपने पिता ब्रह्मा जी से पूछा, पिताजी ! चित्त तो विभिन्न विषयों में घुसा रहता है और गुण भी चित्त…
Shri Bhaktamal : एक बार परम ऋषियों सनकादिक आदि ने अपने पिता ब्रह्मा जी से पूछा, पिताजी ! चित्त तो विभिन्न विषयों में घुसा रहता है और गुण भी चित्त…
Dharma : गुरु द्रोण के शिष्य और हस्तिनापुर के राजकुमारों पाण्डवों ने जब देखा कि एक काले कलूटे युवक ने कुशलता से उसके धनुर्विद्या अभ्यास में भोंक कर बाधा पहुंचा…
Dharma : द्रोणाचार्य कुरु वंश के राजकुमारों को शस्त्रों का अभ्यास कराते थे और उनकी ख्याति सुन कर दूसरे साम्राज्यों के राजकुमार भी उनके गुरुकुल में शिक्षा के लिए आने…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार महाराज पृथु के अवतार के बाद भगवान विष्णु के श्री हरि के अवतार की कथा है, जिसे गजेन्द्र मोक्ष के नाम से भी…
Shri Bhaktamal : महाराज अंग की पत्नी सुनीथा दूसरों को पीड़ा पहुंचाने वाले साक्षात मृत्यु की पत्नी थीं, जिनसे वेन नाम का पुत्र हुआ। वह भी अपने नाना की तरह…
Shri Bhaktamal : चेदि देश के राजा वसु थे, उन्होंने देवराज इंद्र से आग्रह कर एक दिव्य विमान प्राप्त किया जिस पर बैठकर वो आकाश में सबसे ऊपर उड़ते थे,…
Dharma : यूं तो अंधेरे में तीर चलाना मुहावरा है जिसे किसी ऐसे व्यक्ति का उपहास उड़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है जो बिना सोचे-समझे और बिना जानकारी लिए…
Dharma : भीष्म पितामह ने द्रोणाचार्य की बातें धैर्य और सम्मान के साथ सुनने के बाद निवेदन किया कि वे हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र और पांडु के पुत्रों को शिक्षा दें।…
Dharma : खेल के मैदान में कुएं के भीतर गेंद का जाना और फिर ब्राह्मण देवता द्वारा उसे अंगूठी से निकाल देने की घटना राजकुमारों ने नगर में पहुंचते ही…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार श्रीविष्णु जी का नवां अवतार बौद्ध धर्म के प्रवर्तक महाराज शुद्धोदन के पुत्र गौतम बुद्ध का माना गया है जिनका बचपन का नाम…