Shri Bhaktamal : श्री धनवन्तरि अवतार की कथा
Shri Bhaktamal Dhanvantari Avatar : देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए क्षीरसागर का मंथन किया, तब अनेक दिव्य रत्न प्रकट हुए। सबसे अंत में भगवान विष्णु श्री हरि…
Shri Bhaktamal Dhanvantari Avatar : देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए क्षीरसागर का मंथन किया, तब अनेक दिव्य रत्न प्रकट हुए। सबसे अंत में भगवान विष्णु श्री हरि…
Dharma : रंग मंडप में अर्जुन को चुनौती देने आए कर्ण से जैसे ही गुरु कृपाचार्य ने उसके कुल का परिचय पूछा तो वह निरुत्तर सा होकर लजा गया। इस…
Shri Bhaktamal : स्वाम्भुव मनु के पुत्र थे उत्तानपाद जिनकी दो रानियां थीं, बड़ी सुनीति और छोटी सुरुचि। सुनीति के पुत्र ध्रुव और सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम था।…
Dharma : जिस समय गुरु द्रोणाचार्य के निर्देश पर बनाए गए रंगमंडप में अर्जुन के रण कौशल को देख कर राजपरिवार के साथ ही प्रजा जन हतप्रभ थे, उसी समय…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” ग्रंथ में श्री यज्ञ अवतार की कथा के बाद श्री ऋषभ अवतार की कथा का वर्णन है। महाराजा आग्नीध्र के पुत्र राजा नाभि ने संतान…
Dharma : गुरु द्रोणाचार्य के आदेश पर सजाए गए रंगमंडप में राजकुमार भीमसेन और दुर्योधन की कुश्ती देखने के लिए भीड़ उमड़ने लगी। भारी भीड़ देख गुरु गदगद हुए कि उनके…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” के अनुसार चौदह मनुओं के अवतारों में पहला अवतार स्वायम्भुव मनु का है जिनकी पुत्री आकृति का विवाह रुचि प्रजापति से किया गया। रुचि प्रजापति…
Dharma : गुरु द्रोण को जब यह लगा कि उनके शिष्य हस्तिनापुर के राजकुमार अब निपुण हो गए हैं, तो उन्होंने कृपाचार्य, सोमदत्त, बाल्हीक, भीष्म, व्यास और विदुर जी आदि के…
Shri Bhaktamal : “श्री भक्तमाल” में मनु अवतारों की कथा का विस्तार से वर्णन है। ब्रह्मा जी सृष्टि के संचालन के लिए समय-समय पर अलग-अलग मनुओं को भेजते हैं और…
Dharma : गुरु द्रोणाचार्य तो पूरी लगन से कुरुवंश के राजकुमारों को अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान दे ही रहे थे, काफी समय तक उन्हें ज्ञान देने के बाद लगा शिष्यों की…